इन-हैंड सैलरी कैलकुलेटर
अपना सालाना CTC डालें और देखें कि हर महीने बैंक खाते में कितना आएगा।
FY 2025–26 के लिए अनुमान। प्रोफ़ेशनल टैक्स ₹2,400 सालाना माना गया है, जो राज्य के हिसाब से अलग होता है। यहाँ पुराने रिजीम में 80C में सिर्फ़ आपका PF गिना गया है; HRA, हेल्थ इंश्योरेंस और दूसरी छूट जोड़ने के लिए टैक्स रिजीम चेकर इस्तेमाल करें।
यह आपके डाले गए आंकड़ों पर आधारित सामान्य शैक्षिक जानकारी है, व्यक्तिगत निवेश सलाह नहीं। निवेश का कोई भी फैसला लेने से पहले SEBI-रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार से बात करें।
स्रोत: आयकर विभाग, incometax.gov.in
आम सवाल
मेरी इन-हैंड सैलरी CTC से इतनी कम क्यों है?
CTC वह पूरा खर्च है जो कंपनी साल भर में आप पर करती है, वह नहीं जो बैंक खाते में आता है। पैसा हाथ में आने से पहले तीन चीज़ें कटती हैं: कंपनी का PF और ग्रेच्युटी, जो CTC का हिस्सा हैं पर रिटायरमेंट खाते में जाते हैं; आपका खुद का PF; और प्रोफ़ेशनल टैक्स व TDS। आम पैकेज में CTC और सालाना टेक-होम के बीच 15% से 25% का अंतर होता है।
बेसिक सैलरी आमतौर पर CTC का कितना प्रतिशत होती है?
ज़्यादातर भारतीय कंपनियाँ बेसिक सैलरी को CTC का 40% से 50% रखती हैं। यह अहम है क्योंकि PF, ग्रेच्युटी और HRA छूट, तीनों बेसिक से ही गिने जाते हैं। कम बेसिक से हर महीने नकद ज़्यादा मिलता है, पर रिटायरमेंट की बचत और HRA छूट कम हो जाती है।
कंपनी का PF योगदान मेरी सैलरी का हिस्सा है?
यह CTC का हिस्सा है, ग्रॉस सैलरी का नहीं, और आप इसे आज खर्च नहीं कर सकते। आप और कंपनी, दोनों बेसिक का 12% डालते हैं, और यह पैसा EPF खाते में ब्याज कमाता रहता है। कैलकुलेटर पहले CTC से कंपनी का हिस्सा घटाकर ग्रॉस निकालता है, फिर ग्रॉस से आपका हिस्सा घटाकर इन-हैंड।
क्या मैं 12% की जगह ₹1,800 की PF सीमा चुन सकता हूँ?
PF के लिए कानूनी वेतन सीमा ₹15,000 महीना है, यानी ₹1,800। कुछ कंपनियाँ वहीं सीमित रखती हैं, कुछ असली बेसिक का 12% काटती हैं। अपनी सैलरी स्लिप देखें, क्योंकि इससे टेक-होम और रिटायरमेंट बैलेंस, दोनों बदलते हैं। कैलकुलेटर तीनों स्थितियाँ संभालता है।
क्या इस कैलकुलेटर में HRA और दूसरी छूट शामिल हैं?
नहीं। पुराने रिजीम में यह सिर्फ़ 80C के तहत आपका PF गिनता है, जिससे तुलना आसान रहती है। अगर आप किराये पर रहते हैं, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम भरते हैं या होम लोन है, तो टैक्स रिजीम कैलकुलेटर इस्तेमाल करें, जिसमें ये छूट शामिल हैं।
प्रोफ़ेशनल टैक्स का आंकड़ा कितना सही है?
प्रोफ़ेशनल टैक्स राज्य लगाते हैं, केंद्र नहीं, इसलिए रकम अलग-अलग होती है। कैलकुलेटर ₹2,400 सालाना मानता है, जो महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों की आम अधिकतम सीमा है। कुछ राज्यों में यह कम है और कुछ में बिल्कुल नहीं, तो सही आंकड़े के लिए सैलरी स्लिप देखें।